पारूल सिंह
मुल्तान का सुल्तान कहे जाने वाले वीरेंद्र सहवाग उर्फ वीरू, जिनके सामने आते ही विरोधी टीम के खिलाड़ी कांपने लगते है, खुद आरती अहलाव के प्रेम में क्लिन बोल्ड हो गए। वीरू और आरती के प्यार की पारी काफी लम्बे समय तक चली, लेकिन अंत में अप्रैल सन् 2004 में दोनों ने शादी कर ली।
इस जोड़ी को भगवान ने भी आर्शीवाद दिया, यू कहें भगवान को भी ये जोड़ी स्वीकार थी तभी तो आरती और वीरू की जोड़ी बिना रोएधोए और ड्रामें के परफ्केट अंत तक पहुंच गई।
इस शादी के बाद लोगों को पता चला कि सहवाग का पिच पर अधिक देर तक टिके रहने का क्या कारण था, अरे नहीं समझे अर भई अपनी बैटरहॉफ के लिए। ताकि आरती वीरू को अधिक समय तक खेलता हुआ देख सके। और तो और आरती भी केवल वीरू को ही देखने के लिए मैच देखना पसंद करती थी। शायद इसीलिए कहा जाता है कि ये दोनों एक दूसरे के लिए बने है। सहवाग के जन्मदिन के दो दिन पहले आरती ने एक प्यारे से बेटे आर्यवीर को जन्म दिया।