-कविता सोधन
जब प्यार किया तो डरना क्या, मेरे सामने वाली खिड़की में एक चांद का टुकड़ा रहता है, हमने घर छोड़ा है, रस्मों को तोड़ा है, अरे-अरे हम कोई अंताक्षरी नहीं खेल रहे है, लेकिन बालीवुड के इन सभी गानों में कहीं न कहीं फिल्मी अंदाज में आपको एक प्रिंस और बेहद सुंदर लड़की की रोमेंटिक सी लव स्टोरी का अहसास जरूर होता होगा न।
अरे भई होगा भी क्यूं नहीं, अपने दादा और डोना की लव स्टोरी में ये गाने बिल्कुल फिट होते है।
हम बात कर रहे है पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली और डोना गांगुली की लव स्टोरी की जो कि बालीवुड की किसी हिन्दी फिल्म से कम नहीं है। जी हां भारतीय टीम का एक ऐसा कप्तान जिसने भारतीय टीम में पुन: जान डाली। भारतीय टीम के यह सबसे सफल कप्तान, डोना के प्रेम में ऐसे फंसे कि फिर वह क्लिन बोल्ड हुए बिना नहीं रह सके। सेंट जेवियर से शिक्षा ग्रहण करने वाले सौरव गांगुली ने बाईबल के संदेश 'अपने पड़ोसियों से प्यार करो' का जमकर लाभ उठाया। लेकिन एक पारंपरिक हिन्दी फिल्म की तरह सौरव की लव स्टोरी में भी काफी मुश्किलें आई। सौरव की फैमली इंटरकास्ट मैरिज के लिए तैयार नहीं थी। काफी समय पहले सौरव और डोना के परिवार बिजनेस पार्टनर थे, लेकिन बिजनेस में परेशानियां होने के कारण दोनों परिवारों में बेहद दुश्मनी हो गई थी।
रोमियो जुलियट के परिवारों की तरह सौरव और डोना के परिवार वाले भी दादा और डोना की शादी के लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं थे। एक समय में डोना और दादा के पिता आपस में बेहद अच्छे दोस्त हुआ करते थे लेकिन दोनों के बीच तनाव बढ़ता गया। सौरव और डोना के परिवार को जब इनकी लव स्टोरी की खबर लगी, तो दोनों को एक हिन्दी फिल्म के हीरो और हीरोईन की तरह कई दिनों तक अलग रहना पड़ा, लेकिन बाद में इस यंग कपल ने परिवारों के विरूद्व जाकर घर से भाग कर शादी कर ली। शादी के बाद जब दादा और डोना घर पहुंचे तो दोनों के परिवार वालों ने इन्हें स्वीकार कर लिया। क्यूं है न एकदम फिल्मी कहानी।
बाद मे बंगाल का शेर कहे जाने वाले सौरव ने पीच पर हमेशा सफलता पाई, लेकिन सब कुछ सही चल रहा था कि अचानक सौरव की स्टोरी में ट्विस्ट आया, दादा और डोना सुखद जीवन व्यतीत कर रहे थे लेकिन तभी अचानक ऐसी खबरे आने लगी कि दादा का अफेयर बालीवुड़ की स्टार नगमा के साथ चल रहा है। सारी दुनिया इस खबर से हैरान हो गई, लेकिन कहा जाता है न कि अंत में सब अच्छा होता है, बालीवुड की मसाला फिल्म की तरह दादा और डोना की प्रेम कहानी एक परफेक्ट अंत तक पहुंची। कोलकाता का प्रिंस अपनी रानी के साथ बेहद सुखद जीवन व्यतीत करने लगा।