रविकांत सिंह
टी-20 क्रिकेट का सबसे नया प्रारूप है और इस समय इसका जबरदस्त क्रेज है। ऐसा माना जा रहा है कि जिस तरह से क्रिकेट का नवीनतम प्रारूप लोकप्रियता हासिल कर रहा है, वह खेल के बाकी प्रारूपों के लिए एक बहुत बड़ा खतरा बन चुका है।
लेकिन, यह बात सच्चाई से बहुत दूर है।
कड़वी हकीकत यह है कि क्रिकेट जगत पर भारत का दबदबा चलता है, टी-20 का नहीं। 2007 टी-20 विश्व कप में भारत को मिली अप्रत्याशित जीत के कारण ही इस खेल को भारत में अपनी जड़ें मजबूत करने का मौका मिला। इस जीत से छह महीने पहले ही आईसीसी विश्व कप में टीम को बुरी तरह से हार का सामना करना पड़ा था।
हमें यह बात नहीं भूलनी चाहिए कि टी-20 इंग्लैंड और न्यूजीलैंड में अब लगभग बीते एक दशक से खेला जा रहा है। लेकिन, भारत के आने के बाद ही व्यवसायिक रूप से एक कामयाब इवेंट बन सका।
और, ठीक उसी तरह से 70 के दशक की शुरुआत में वनडे क्रिकेट के आने से टेस्ट क्रिकेट समाप्त नहीं हुआ, टी-20 क्रिकेट को भी पांच दिनी क्रिकेट के अंत के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।
बेशक, एक ऐसा दौर गुजरा है कि जब क्रिकेट बोर्ड टेस्ट मैचों के स्थान पर अतिरिक्त वनडे मैचों को खपाया करते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं होता। अब टेस्ट और वनडे क्रिकेट में बराबर का संतुलन होता है और इस बीच एकाध टी-20 मैच खपाया जाता है।
अगर, टी-20 क्रिकेट को बेचना इतना ही आसान होता तो इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड को अपनी प्रस्तावित प्रीमियर लीग के लिए प्रायोजक तलाशने में इतनी मशक्कत नहीं करनी पड़ती।
ईसीबी की नौ टीमों की थ्योरी को देश भर में आलोचनाओं का सामना करना पड़ा और अंत में उसके पास इसे बढ़ाकर 18 टीमों तक पहुंचाने के अलावा और कोई रास्ता नहीं था। इसके बावजूद भी लॉर्डस में ईसीबी के दफ्तर के बाहर प्रायोजकों की भीड़ नहीं जुटती नजर आ रही।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की सच्चाई यह है कि अगर किसी भी चीज में भारत शामिल है तो व्यवसायिक तौर पर उसकी कीमत काफी बढ़ जाएगी। और, अगर ऐसा नहीं होता, तो आयोजकों के लिए मुश्किल हो सकती है।
इसके साथ ही जब भी क्रिकेट की पुरानी बातों का जिक्र किया जाएगा तो युवराज सिंह ने स्टुअर्ट ब्रॉड की गेंद पर आईसीसी विश्व कप टी-20 के डरबन में खेले गए एक मैच में लगातार छह छक्के लगाने की बात सुनील गावस्कर टेस्ट क्रिकेट में 10हजार रन पूरे करने वाले पहले खिलाड़ी थे या या फिर सचिन तेंदुलकर के 40 टेस्ट शतकों से कहीं पीछे छूट जाएगी।
पानी पूरी (टी-20) कभी भी पूरा भोजन (टेस्ट क्रिकेट) या एक बढि़या स्नैक्स (वनडे) की जगह नहीं ले सकता।