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कैसा गुस्‍सा है यह !
ये सभी खिलाड़ी आईपीएल के दस सबसे महंगे खिलाडि़यों में शामिल हैं। ‘पैसा फेंक, तमाशा देख’। अरे, जरा रुकिए। आपको नहीं लग रहा कि हम किसी को भूल रहे हैं। एक बार फिर बिलकुल ठीक अंदाजा लगाया आपने- हम महेंद्र सिंह धोनी की ही बात कर रहे हैं।
शबरी बक्‍शी


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शबरी

पैसा फेंक, तमाशा देख- हिंदी फिल्‍मों का बहुत पुराना और मशहूर गाना है यह। कुछ ऐसा ही सोचा होगा विजय ‘रॉयल’ माल्‍या ने, जब उन्‍होंने 7.75 करोड़ रुपए की विशाल रकम खर्च कर केविन पीटरसन को अपनी टीम में शामिल किया- इस उम्‍मीद के साथ कि इससे आईपीएल 2 में उनके रॉयल चैलेंजर्स टीम की किस्‍मत बदल जाएगी। ‘पैसा फेंक, तमाशा देख’- तमाशा तो सही में हुआ, लेकिन वैसा नहीं जैसा माल्‍या ने सोचा था। बल्‍लेबाजी के अपने बिंदास अंदाज के लिए मशहूर पीटरसन कहीं खो गए लगते हैं। कहीं यह टूर्नामेंट में सबसे महंगे खिलाड़ी होने का दबाव तो नहीं है या फिर रॉयल चैलेंजर्स टीम के साथ ही कोई पंगा है। या फिर विजय माल्‍या की किस्‍मत ही तो कहीं उनसे दगा नहीं कर रही। सबसे ज्‍यादा दम आखिरी संभावना में ही नजर आता है। जरा गौर कीजिए- माल्‍या ने लीग के दूसरे सीजन के लिए जहीर खान और रॉबिन उथप्‍पा की अदला-बदली की। जहीर पिछले साल रॉयल चैलेंजर्स के लिए कुछ खास नहीं कर पाए थे, जबकि उथप्‍पा मुंबई इंडियंस के लिए खेलते हुए खासे सफल रहे थे। नतीजा- जहीर अपनी नई टीम के लिए मैच जिताउ गेंदबाज बन गए हैं जबकि उथप्‍पा रॉयल चैलेंजर्स की एक के बाद एक हारों में अपनी भूमिका को अच्‍छी तरह निभा रहे हैं- विकेट के आगे भी और विकेट के पीछे भी। सच ही कहा है- पैसा फेंक, तमाशा देख ।

 वैसे एक बात सोचने वाली जरूर है, आखिर बड़े खिलाडि़यों को हो क्‍या गया है। यदि हम जयसूर्या और तेंदुलकर को छोड़ दें, तो किसी ऐसे खिलाड़ी ने इस बार अब तक अच्‍छा प्रदर्शन नहीं किया है, जिनसे बड़ी उम्‍मीदें थीं। चलिए, शुरुआत युवराज सिंह से करते हैं। एक ओवर में छह छक्‍कों की बात तो अब भूली याद बन चुकी है, युवराज को देख कर ऐसा लगता ही नहीं कि यह वही खिलाड़ी है जिसने यह कारनामा किया था। इसकी वजह केवल यही नहीं है कि दूसरे सीजन के 4 मैचों में उनके खाते में केवल 86 रन ही आए हैं, बल्कि वो जिस तरीके से आउट हो रहे हैं, वह ज्‍यादा चिंता की बात है। पेवेलियन लौटने के उनके अंदाज को हम कैसे भी देखें, उसे गैर जिम्‍मेदाराना ही कहा जाएगा।

गैर जिम्‍मेदाराना अंदाज की बात करते ही एक और महारथी का नाम जेहन में कौंध उठता है- जी हां, आपने सही सोचा, वह वीरेंद्र सहवाग ही हैं। इसमें कोई शक नहीं कि सहवाग की बल्‍लेबाजी के अंदाज से हम सभी अब भली भांति परिचित हो चुके हैं, लेकिन फिर भी ऐसा जरूर लगता है कि उन्‍हें विकेट पर टिकने की कोशिश करनी चाहिए। और हां, ये गौतम गंभीर को क्‍या हो गया है। पता नहीं क्‍यों, उन्‍हें देखकर लगता है जैसे वो पेवेलियन लौट अपने ओपनिंग पार्टनर के साथ बैठ कर मैच का मजा लेने की जल्‍दी में हों।

अब आते हैं गेंदबाजों पर। पिछले साल भारतीय क्रिकेट की नई खोज कहे जाने वाले युवा इशांत शर्मा ने भी शाहरुख खान की नाइट राइडर्स टीम की चिंता बढाई ही है। ऐसा खिलाड़ी जिसकी बल्‍लेबाजी क्षमता की चर्चा न ही करें तो ज्‍यादा अच्‍छा है और जिसकी फिल्डिंग औसत ही मानी जाएगी, के लिए 4.75 करोड़ रुपए की रकम कम नहीं होती। टूर्नामेंट में अब तक खेले तीन मैचों में इशांत ने केवल तीन विकेट ही लिए हैं यानी हर मैच में एक विकेट और यह किसी हाल में अच्‍छा रिकॉर्ड नहीं है।

ये सभी खिलाड़ी आईपीएल के दस सबसे महंगे खिलाडि़यों में शामिल हैं। ‘पैसा फेंक, तमाशा देख’। अरे, जरा रुकिए। आपको नहीं लग रहा कि हम किसी को भूल रहे हैं। एक बार फिर बिलकुल ठीक अंदाजा लगाया आपने- हम महेंद्र सिंह धोनी की ही बात कर रहे हैं। धोनी, जिनके पास देश के सबसे प्रतिष्ठित सम्‍मान को स्‍वीकार करने तक के लिए वक्‍त नहीं है, के लिए बचाव का शायद ही कोई बहाना हो। इस बात में कोई दम नहीं कि वो पैसा कमाने में लगे थे। शायद वह समय आ चुका है जब धोनी को अपने प्रदर्शन में सुधार पर ध्‍यान देना चाहिए। यह इसलिए भी जरूरी है क्‍योंकि धोनी ने अब तक तीन मैचों में केवल 57 रन बनाए हैं, वरना कहीं ऐसा न हो कि विज्ञापन और पैसे का आना धीरे-धीरे बंद होने लगे। और इसके साथ वो पुरस्‍कार भी, जिसे ग्रहण करने के लिए उनके पास वैसे भी वक्‍त नहीं होता।

भारतीय क्रिकेट के ये चमकते सितारे अपनी चमक बिखेरने में अब तक नाकाम रहे हैं और जिन लोगों ने उन्‍हें खरीदने के लिए बड़ी-बड़ी रकम खर्च की है, उनकी निराशा को समझा जा सकता है। और कितनी भी बारिश क्‍यों न हो जाए, उनके गुस्‍से को ठंढा नहीं कर सकती। खैर हम तो यही उम्‍मीद करते हैं कि इस गुस्‍से का कुछ अच्‍छा परिणाम सामने आए- यह गुस्‍सा कुछ ऐसी खुशी में बदल जाए जो हम मैदान पर बड़े शॉट्स को देखने या किसी विकेट के गिरने के बाद महसूस करते हैं।

 

एक्सपर्ट बोले
कैसा गुस्‍सा है यह !
पुरानी बातें दोहरायी जा रही हैं गांगुली के साथ
 
 

 


 
 
 
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